City of Hundred Islands – Banswara

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बांसवाड़ा बसाने का कार्य किया था महारावल जगमल सिंह जी ने | इसे वागड़ के नाम से भी पुकारा जाता है | इस इलाके में बांस की बहुलता के कारण इसका नाम बांसवाड़ा पड़ा | माही नदी में 100 द्वीपों के कारण इसे “सौ द्वीपों के शहर”( city of hundred islands) के नाम से भी जाना जाता है |

अंग्रेजों के राज्य के समय बांसवाड़ा में महारावल राजपूतों का सामंतवाद था | ऐसा भी कहते हैं कि पहले यहाँ बंसिया नामक भील राज करता था इसलिए इसका नाम बांसवाड़ा रखा गया | बंसिया को महारावल जगमल सिंह ने हरा कर मार डाला था और अपना राज स्थापित किया था |

यहाँ कई मंदिर हैं जैसे अनेकांत बाहुबली मंदिर, अन्धेश्वर पार्शवनाथ जी, अरथूना के मंदिर, मदारेश्वर मंदिर, त्रिपुरा सुंदरी मंदिर | अन्य दर्शनीय स्थलों में अब्दुल्लाह पीर, आनंद सागर झील, मानगढ़ हिल, भीम कुंड, तालवाड़ा आदि |

बांसवाड़ा में आदिवासियों का वास है | यहाँ पर 11 “स्वयंभू शिवलिंग” भी हैं | इसी वजह से इसे छोटा काशी भी कहते हैं | यहाँ पर गुजराती, मालवी और मेवाड़ी संस्कृतियों का समावेश देखा जा सकता है | जंगल और पहाड़ियों की बहुलता लिए अपनी प्राकृतिक सुन्दरता के लिए बांसवाड़ा बेहद मशहूर है |

 

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