July 7, 2020
Life Style

हम रसूखदार प्रजाति (आज की परिस्तिथि पर कटाक्ष)

हमारी यह प्रजाति प्राय: सब जगह पाई जाती हे कानुन, यातायात, शहर,लगभग सभी व्यव्स्थाओ को धत्ता बातने मे बड़े माहिर शातिर व चालाक होते हे ।

शहर मे कोई भी साहेब बहादुर, कप्तान, उप-कप्तान या अन्य कोई भी प्रशासनिक साहेब नये आते हे तो हम बेबाक उनको मिल कर अपना परिचय देते हे ओर बताते हे की हम ही तो वो लोग हे जिन्होने शहर को नेस्तोनाबुद करने की कसम खाई हे ओर हमारे वाहन, हमारे दुकान, शोरुम्म, घर, रास्ते ओर यहा तक की हमारे मिलने वालो तक को कह रखा हे की हमारी मर्ज़ी आएगी जो करेंगे ओर आप हमारा अच्छे से ख्याल रखना जी ।

साहेब उनकी बात जब तक समझे तब तक तो हम अपना रोब बताते हुए अपना काम निकाल ही देते हे ।

हम तो इतने ढीट हे की पार्किंग के लिये कप्तान साहेब से लड़ते हुए ” आपको देख लूँगा ” तक की बात कह जाते हे ओर रसूखदारि दिखाकर अपना वाहन यथा स्थान पर पुन: लगा कर कप्तान साहेब को अपनी रसूखदारि से अवगत करवा देते हे ।

काफी हद तक इस शहर की व्यव्स्था को चोपट कर चार चान्द लगाने वाले हम रसूखदार प्रजाति के लोगो का बहूत बडा योगदान हे हमारी प्रजाति मे बड़े व्यापारी, बड़ी खाने पीने वाली होटल वाले, बड़ी बड़ी रोज्मरा के समान बचने वाले, बड़ी बड़ी दुकान वाले, बड़ी नामी कम्पनी के संचालक, छोटी संकरी जगह पर अतिक्रमण कर ओर संकरा करने वाले, महंगी से महंगी कार खरीद कर पे-पार्किंग मे नही लगाने वाले, सभी प्रकार की व्यव्स्था को तोड मरोड कर अपने अनुसार करने मे माहिर इत्यादी प्रजाति हे । अब हमारे साथ भी अनहोनी एसी रहती हे की बड़े साहेब बहादुर से उन्के निवास/कार्यालय पर जाकर भेंट सहित मिल लेते हे ओर अवगत कराते हे की साहेब हम वही लोग हे जिन्होने इस खुबसूरत शहर का बंटाधार कर रखा है ओर आगे भौ यही करेँगे, बस आप तो हुकम करना कप्तान साहेब हम आपको नवाज देंगे । हम ही वो लोग हे जो सभी जगह अपनापन ( सिर्फ खुद का होना ) दिखते हे अब चाहे अस्पताल हो, खाकी की जगह हो, या किसी भी प्रकार का प्रशासनिक विभाग जो ।

हमने अपने पेर इतने पसारे हुए हे की हमे अपने अलावा कोई भी नही दिखता हे ओर हम लोग कभी गलती से भी आइना नही देखते हे ।
हा हममे सबसे बड़ी खूबी यह हे की हम हमारी गलती, खराबी, अतिक्रमण, नाजायज ओर बद्तमीजी को बखुबी छुपा कर उसको निपटा देते हे ।

हम अपनी तारिफ खुद क्या बयान करे बस हमारे बडप्पन की इन्तेहा हे की हम ही जिन्होने एक आमो खास आदमी, शहर वासियो को, छोटे-छोटे तब्को क गरिब लोगो को परेशान कर रखा हे । अन्ततः हम तो यमराज जी को भी कई बार चकमा देकर भाग खडे हुए हे साथ ही यह रसूखदारि का बीज हमने अपने आने वाली पीडी मे भी बो दिया हे ताकी हम मर कर भी अमर रहे

जय भ्रष्टाचार देव

जय श्री अशांति देवी

जय श्री पेसा जी महाराज की •••••

–  Wazir Saed Shams

Email – wzrsed@gmail.com

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