August 25, 2019
Life Style

जीवन की अभिलाषा

गीत तो है, पर मुझे एक आवाज़ चाहिए |
मीत तो है, पर मुझे एक तुम जैसा साथ चाहिए |
लक्ष्य तो है, दिल मे बस एक आगाज़ चाहिये |
धुन तो है ,पर एक साज़ चाहिए |
मंजिल तो तय, अपनी बस एक राह चाहिए |
बस तुमारा साथ चाहिए |सिर्फ़ और सिर्फ़ तुमारा साथ चाहिए |

नई भोरे का प्रभात चाहिए |
सिर्फ़ तुमारा साथ चाहिए |
बीज तो है पर नव धरा चाहिए |
प्रेरणा और साहस से सिंचत कर सकू एक ऐसा फुब्बार चाहिए |
है आग वही तुममे, बस वही आग चाहिए |
तिमिर से लड़ सकू बस एक दिया का प्रकाश चाहिए |
न बुझे वो दिया दो हाथ मेरे और बस दो हाथो का साथ चाहिए |
सिर्फ़ और सिर्फ़ तुमारा साथ चाहिए |

–  अरविन्द पाठक

– 9001021888

ascent303@gmail.com

 

 

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