भुवनेश ओझा, जिसे सुनाई देती है हर वक्त पर्यावरण की पुकार

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#masalachaiwithvarun

img_9244भुवनेश ओझा एक ऐसा नाम है जिसे उदयपुर शहर में अब हर कोई पुकारवाला के नाम से जानता है, 21 अप्रैल 1995 को जन्में विज्ञान में स्नातक इस महान युवक ने हर रविवार को पौधारोपण करने की शपथ ले रखी है। “पुकार” नामक संस्था चलाने वाले भुवनेश ओझा ने मोहल्ले के 5 बच्चों के साथ मिलकर इस संस्था की स्थापना 10 मार्च 2013 को करी थी | 10 नवम्बर 2013 से हर रविवार पौधारोपण करते हुए 150 रविवारों का लक्ष्य पूरा करने की ओर अग्रसर इनकी संस्था पार्कों में पौधारोपण करने में हर रविवार को तन-मन से लग जाती है | जिस उम्र मे अक्सर कॉलेज के लड़के फूलों के गुलदस्ते देने के लिए नए मित्रों को खोजते है यह इंसान इसी उम्र मे पौधा लगाने के जमीन खोजता नजर आता है, कॉलोनी के बच्चों को शामिल करने की मुहिम के चलते कई बार बच्चों के अभिभावकों का गुस्सा भी झेलना पड़ा लेकिन साहब, जनाब ने हिम्मत नहीं हारी ।

आयुर्वेदिक और अरावली पर्वतों की वृक्ष श्रंखला पर विशेष ध्यान देते हुते “पुकार” सभी नागरिकों को प्रकृति के संरक्षण का सन्देश देने के लिए प्रयासरत है |भुवनेश का मानना है कि पर्यावरण की इस दयनीय स्थिति के ज़िम्मेदार हम सभी नागरिक हैं | नागरिक पर्यावरण संरक्षण से दूर होते जा रहे हैं और जैव विविधता पर मंडराते खतरे के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं, इसी बात से प्रेरित होकर यह संस्था बनाई गई जिससे कि इस ओर कदम उठाकर सभी को प्रेरित किया जा सके |

कुछ बातें सभी के लिए बहुत चैलेंजिंग होती हैं | भुवनेश का कहना है कि उन्होंने भी ऐसे पलों का सामना किया | 18 वर्ष की आयु में उन्होंने कोटा से IIT की तय्यारी करी और फिर अपने शहर उदयपुर में ही वे अपने सपनों को साकार करना चाहते थे | इस समय सभी उनके खिलाफ थे और उन्हें समझाने में जुटे थे क्योंकि यह एक बहुत बड़ा कदम था | सबकी बातें सुनने के बाद भी उन्हें अपने अन्दर एक कमी खल रही थी और इसलिए काफी जद्दोजहद के बाद वे अपने सपनों को पूरा करने के प्रयास में जुट गए |

21कठिनाईयां भी आई क्योंकि युवा विद्यार्थियों के साथ काम करने में सबसे पहली मुश्किल पैसे की आती है | फिर कार्य को प्रारम्भ करने में कई फैसले लेने होते हैं जिनमें काफी असमंजस की स्थितियां कार्य में रुकावट डालती हैं | इस स्थिति में दृढ़ निश्चय ही काम आता है | अपने इस कार्य को सफल बनाने के लिए कार्यों को टीम बनाकर बांटा गया और सभी ने अपनी अपनी जिम्मेदारी के हिसाब से कार्य करना प्रारम्भ किया |

भुवनेश के हिसाब से तीन ख़ास बातें हैं जो सफलता के लिए आवश्यक हैं |

सपनों और वास्तविकता के बीच के अंतर का पता पूर्ण रूप से हो, जुनून, जज़्बा और लगातार सपनों पर टिके रहने का कौशल होना चाहिए और धैर्य रखना अति आवश्यक है |

उन्होंने सोशल मीडिया को सही तरीके से इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया क्योंकि आजकल मीडिया के माध्यम से आप अपने कार्य को जनता तक पहुंचा सकते हो |भुवनेश के प्रेरणा स्रोत “पीपल बाबा” हैं जो कि दिल्ली के पर्यावरणविद हैं और पिछले 40 वर्षों से लगातार पौधारोपण का कार्य कर रहे हैं |

सफलता के स्रोत समझाते हुए भुवनेश ने दिल को छूने वाली बात कही “अगर आपका कल ही अंतिम दिन हो, तो आप क्या करेंगे ? अपने सपनों को हकीकत बनाने के लिए आज ही उठें और सफल होने के बाद अपने परिवार,समाज और जड़ों को कभी ना भूलें, जहां से आपने चलना, खाना व दौड़ना सीखा है क्योंकि आपकी इसको सबसे ज्यादा जरूरत है”

वाह ! भुवनेश, आपने तो हम सभी का दिल जीत लिया |

उन्होंने one2all से यह भी कहा कि किसी ने कहा है “यदि आपको कल अंतिम सांस लेनी हो…” | इसको सुनते ही बहुत बड़ा झटका लगता है और काम करते रहने का जोश बढ़ जाता है |अपनों के साथ के बारे में वे बोले कि जब हम अपने सपनों को पूरा करने के बारे में सोचते हैं तो ज्यादातर या तो परिवार का पूरा साथ मिलता है या नहीं के बराबर मिलता है | उन्होंने अपने माता पिता से यह सीखा कि कोई भी काम बड़ा या छोटा नहीं होता, छोटी तो इंसान की सोच होती है | जीवन एक ही बार मिलता है और आप इसे कैसे व्यतीत करते हैं, यह आप पर निर्भर करता है | भुवनेश पिछले 3 वर्षों से माता पिता का  आशीर्वाद पाकर अपने सपनों को पूरा करने में लगे हैं |

वे चाहते हैं कि आने वाले समय में “पुकार” को पर्यावरण संरक्षण के लिए पहचान के साथ साथ स्थान भी मिले| वे विद्यार्थियों एवं युवाओं को इस कार्य के लिए प्रेरित कर उन्हें पर्यावरण के प्रति उनकी जिम्मेदारियां बताना चाहते हैं और इस क्षेत्र से जुड़ी नौकरियों और व्यवसायों में सहायता करना चाहते हैं | वे पेड़ लगाने की मुहीम को फैशन की तरह बनाना चाहते हैं क्योंकि पर्यावरण के लिए इससे बड़ा योगदान और कोई नहीं हो सकता | भुवनेश जल्दी ही शहर मे Gift A Plant की नई क्रांति के साथ आने को लगभग तैयार है साथ ही जल्दी वह अपनी सेवाएँ अलग अलग रूप मे आपके घर के या कॉलोनी के गार्डन के जरिये आप तक पहुचेगी।

उदयपुर शहर के तत्कालीन कलेक्टर श्री आशुतोष पेडणेकर ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया है एवं सामाजिक संगठनों ने उनके प्रयास की सराहना करी है | देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों जैसे पत्रिका, भास्कर, टाइम्स ऑफ इंडिया आदि में ‘पुकार’ के लेख छपे हैं | देश की प्रतिष्ठित लवली प्रॉफेश्नल यूनिवरसिटी-जालंधर, जेईसीआरसी यूनिवर्सिटी इत्यादि में उन्हें बतौर वक्ता आमंत्रित किया गया है | सोशल आंत्रप्रन्योर हेतु विभिन्न समारोहों में बतौर वक्ता वे गए हैं | बांसवाड़ा स्थित नर्सिंग कॉलेज के विद्यार्थियों और उदयपुर IIM के साथ भी पौधारोपण किया है |

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यदि आप भी भुवनेश को अपनी शुभकामनाएं देना चाहते हैं तो मोबाइल 98299 71479 पर दे सकते हैं या उनके mail id bhuvi.ojha@gmail.com पर भी संपर्क कर सकते हैं |

One2all wishes you all the very best for your endeavours.

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