उदयपुर से शुरू हुई स्वेटर क्रांति – सुहानी सर्दी आंदोलन

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जीने का हक सभी को है | और सिर्फ जीने का नहीं बल्कि तरीके से जीने का | हर इंसान समय और मौसम के अनुसार अपने आपको व्यवस्थित करता है | जिनके पास साधनों की कमी नहीं है, उन्हें किसी भी प्रकार की परिस्थिति में ज्यादा सोचना नहीं पड़ता | अगर हम समय और मौसम की बात करें, तो समय के साथ मौसम का बदलना प्रकृति का नियम है जिसे कोई भी परिवर्तित नहीं कर सकता, किन्तु हमारे देश में बहुत से लोग ऐसे हैं जिन्हें स्वयं को व्यवस्थित करने के लिए सम्पूर्ण साधन भी सुलभता से नहीं मिलते | प्लैटिनम ग्रुप के संस्थापक श्री प्रवीण रतलिया की इसी नेक सोच ने जन्म दिया सुहानी सर्दी आंदोलन को ।

गरीब जनता या गरीबी की रेखा के नीचे आने वाली जनता के लिए मौसम ख़ास तौर पर सर्दियों का मौसम कहर बनके तब टूटता है जब उनके पास खुद के शरीर को ढंकने और कड़ाके की सर्दी से बचने के लिए उचित परिधान उपलब्ध नहीं होते | ऐसी जनता साधन बंटोर भी नहीं पाती है | दुःख तब होता है जब नन्हें मुन्ने या स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों के पास ठण्ड में तन को ढंकने लायक कपड़े नहीं होते | ऐसे में हम कैसे अपेक्षा करें कि ये बच्चे आसानी से पढ़ लिख कर देश की तरक्की में योगदान देंगे | जो खुद को नहीं बचा पाते, वो देश के लिए क्या सोचेंगे, क्या करेंगे ?

सुहानी सर्दी एक ऐसा मिशन है जो कि इन बच्चों के लिए सर्दी के अनुरूप वस्त्र वितरण करने का उद्देश्य लिए उनके जीवन को सुरक्षित कर उनके स्वास्थ्य को खराब होने से बचाने के लिए अग्रसर है, सुहानी सर्दी आंदोलन गरीब छात्र छात्राओं की सहायता हेतु 2015 में शुरू किया गया था | ये बच्चे सर्दी में राहत पाकर अपनी शिक्षा का आनंद लें और ख़ुशी ख़ुशी देश के लिए अपने विचार व्यक्त कर सकें, ऐसा इस मिशन का ध्येय है |

इस मिशन के प्रथम चरण में 10,000 स्कूली बच्चों को नए स्वेटर वितरित किये गए जो कि राजस्थान के सरकारी स्कूलों में पढ़ते हैं | इस योजना के लिए किसी भी प्रकार का कोई डोनेशन नहीं लिया गया | यह कार्य प्लैटिनम ग्रुप ऑफ़ कॉलेज द्वारा किया गया | सबसे बड़ी बात यह है की श्री प्रवीण अक्सर यह कहते है की वो कोई समाज सेवा नहीं कर रहे है, यह काम वो अपने मन के सुकून के लिए करते है, उन्हे अच्छा लगता है ।

दुसरे चरण के कार्य के लिए इसी कार्य से प्रेरणा लेकर यह विचार किया गया कि और भी कई अनाथ, गरीब और सड़कों पर गुजर-बसर करने वाले अनेकों लोग हैं जो कि सर्दी की मार झेल रहे हैं | विचार कुछ इस प्रकार आया कि हम सभ्य तबके के लोगों के पास कई पुराने स्वेटर रखे होते हैं जो कि हम अलमारी में बंद कर देते हैं जिनका उपयोग बदलते फैशन के कारण नहीं किया जाता | इन ऊनी वस्त्रों को सही रूप में प्रयोग लाने का सबसे उचित तरीका है इन्हें दान कर देना | इसलिए ऐसे सभी ऊनी वस्त्रों को एकत्रित कर ज़रूरतमंद लोगों में बांटा गया |

इस परोपकार को आगे बढ़ाने के लिए सभी उदयपुरवासियों से विनम्र निवेदन है कि वे आगे आयें और अपने घरों में रखें पुराने ऊनी एवं अन्य वस्त्रों को इन बेहद ज़रूरतमंद लोगों को देकर उनके तन ढंकने में योगदान दें|

यदि आप भी इस आंदोलन मे हिस्सा लेना चाहे तो हेल्पलाइन नम्बर 9785151777 पर संपर्क करें या वैबसाइट देखें ।

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