माला में 108 मोती/मणियें ही क्यों होते हैं

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मन्त्रों का जाप करते समय हम एक माला लेकर बैठते हैं जिसमें 108 मोती/मणियें होते हैं | भगवान शिव के नाम के जाप में रुद्राक्ष की माला और भगवान् विष्णु के जाप के लिए तुलसी के मोती की माला का प्रयोग किया जाता है |
सोचने वाली बात यह है कि मंत्र जाप में काम में ली जाने वाली माला में 108 मोती ही क्यों होते हैं ? कारण बहुत सारे बताये जाते हैं | उनमें से कुछ हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं :
• ऐसा कहा जाता है कि इन 108 मोतियों का ताल्लुक हमारे शरीर के 7 चक्रों से है जो समस्त शरीर को एनर्जी प्रदान करते हैं | हमारे हृदय तक जाती हुई 108 ऊर्जा वाहिकाओं (energy lines) में से एक आत्मबोध (self-realisation) की ओर ले जाती है |
• किसी भी मंत्र का जाप यदि 100 बार किया जाए तो उसे पूर्णता की ओर बढ़ना माना जाता है | बचे हुए 8 मणि या मोती “भूल चूक माफ़” के लिए होते हैं |
• कुछ लोग यह भी मानते हैं कि 1(एक) अंक भगवान या परम सत्य का होता है, 0(जीरो) शून्यता अर्थात आध्यात्मिक अभ्यास की पूर्णता दर्शाता है और 8(आठ) अनन्तता का सूचक है |

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