February 25, 2024
Guest Post Humans of Udaipur

नन्हीं चेस खिलाड़ी कियाना दोगुने आयु वर्ग में चैंपियन

 

               

उदयपुर | लेकसिटी ओपन शतरंज प्रतियोगिता में प्रदेश की सबसे कम उम्र की खिलाड़ी कियाना परिहार अपने से दोगुने एज ग्रुप में विजेता बनी हैं। 7 साल की कियाना ने सीनियर कैटेगरी में खेलते हुए अंडर-15 कैटेगरी में चैंपियन बनी।

राजस्थान के उदयपुर की रहने वाली छह साल की बच्ची अच्छे-अच्छे खिलाड़ियों को शह और मात दे रही है. हम बात कर रहे हैं कियाना परिहार की, जो शतरंज की माहिर खिलाड़ियों में से एक मानी जा रही है. जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ-साथ नेशनल में भी अपना सिक्का जमाने वाली कियाना दुनिया की सबसे यंगेस्ट ग्रैंड मास्टर का खिताब हासिल करना चाहती है|

कियाना के पिता जितेंद्र परिहार ने बताया कि जब वो ढाई साल की थी तभी से उसके साथ उन्होंने चेस खेलना शुरू किया. इसके बाद कियाना की ऑफिशल ट्रेनिग पांच वर्ष की उम्र से दिलाना शुरू की. कियाना 2 बार राजस्थान स्टेट चैंपियन बन चुकी है एंड अंडर 7 नेशियनल स्कूल चैंपियनशिप में गोल्ड-सिलवर मेडल ले चुकी है. वहीं, अंडर -8 चैंपियनशिप में भी उसने 13वीं रैंक हासिल की है|राजस्थान की सबसे कम आयु में अंतरराष्ट्रीय फ़िडे रेटिंग हासिल करने का रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी है ।

यह गर्व की बात है कि कियाना परिहार को 1 सितंबर, 2022 को FIDE (अंतर्राष्ट्रीय शतरंज संघ) द्वारा घोषित विश्व रेटिंग सूची में रेटिंग प्राप्त हुई और कियाना राजस्थान में FIDE रेटिंग प्राप्त हुई है ।सबसे कम उम्र (6 साल 10 महीने )की खिलाड़ी हैं। 15 अगस्त 2022 को उदयपुर जिले में स्वतंत्रता दिवस समारोह समारोह में जिला कलेक्टर श्री टी सी मीणा और राज्य के कैबिनेट मंत्री श्री प्रताप सिंह खाचरियावास (परिवहन और सैनिक कल्याण विभाग) द्वारा सम्मानित किया गया।

कियाना ने कूडो भी खेला और वह एक मार्शल आर्ट फाइटर हैं, उन्होंने 21 सितंबर’21 को हिमाचल में आयोजित कूडो नेशनल टूर्नामेंट 2021 में स्वर्ण पदक जीता है साथ ही कुडो 2021 में स्वर्ण पदक जीता है । वह माउंट लिटेरा जी स्कूल उदयपुर की मेधावी छात्रा है जो ग्रेड-2 में पढ़ रही है।कियाना बोर्ड पर और साथ ही ऑनलाइन और शतरंज इंजन के साथ रोजाना 6 से 8 घंटे अभ्यास करती है, वह पहले से ही लिचेस प्लेटफॉर्म पर 2000+ रेटिंग पर पहुंच गई है और सबसे कम उम्र के ग्रैंड मास्टर बनने पर ध्यान केंद्रित किया है। शतरंज को धैर्य और ध्यान देने की आवश्यकता होती है और उसके माता-पिता हमेशा उसे खुश और शांत करने की कोशिश करते हैं। वह रोजाना सफलता पाने और नई चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार होने की प्रार्थना करती है|

 

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